वुजू करने का मुकम्मल और सही तरीका | wuzu ka tarika

वुजू करने का मुकम्मल और सही तरीका | wuzu ka tarika

wuzu ka tarika: सहीह बुखारी और मुस्लिम की हदीस है कि आप सल्ललाहो अलैहि वसल्लम ने फरमाया की जो शख्स अच्छी तरह वुजू करे और अपने अजाब को सही तरह से धोए तो अल्लाह तआला उसके जिस्म से गुनाहों को निकाल देता है हत्ता के उसके नाखूनों के गुनाह भी निकल जाते हैं

दूसरी हदीस सहीह और मुस्लिम की हदीस है कि आप सल्ललाहो अलैहि वसल्लम ने फरमाया की जब मुसलमान फर्ज नमाज़ का वुजू अच्छी तरह करता है और उसके बाद खुशी से नमाज पड़ता है तो उस नमाज़ के पहले जितने भी सगिरा गुनाह हुए थे अल्लाह तआला उन्हें माफ फरमा देता है।

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वुजू का मुकम्मल और सही तरीका – wuzu ka tarika

सबसे पहले आपको दिल से नियत करना है कि में वुजू कर रहा हूँ अल्लाह के दरबार में हाजिर होने के लिए

उसके बाद बिस्मिल्लाह कहकर 3 मर्तबा हाथ धोने हैं हाथ धोने के बाद 3 मर्तबा कुल्ली करना है कुल्ली का मकसद यह है कि मुह साफ हो जाए इसके लिए नबी पाक सल्ललाहो अलैहि वसल्लम ने मिस्वाक का एहतमाम किया है और फजीलत में यह भी बताया है कि मिस्वाक करने से नमाज के सवाब 70 गुनाह बढ़ जाता है

मिस्वाक करने के बाद 3 मर्तबा कुल्ली करें कुल्ली करने में एहतमाम करें और अच्छे से मुँह को साफ करें । (अगर रोज़ा नही है तो गरारे भी करें)
उसके बाद 3 मर्तबा नाक में पानी डालें फिर उल्टे हाथ की छोटी ऊँगली से नाक की सफाई करें।
फिर 3 मर्तबा अपना चेहरा धोएं और कानों के पास तक पानी पहुचाएं

अगर घनी दाढ़ी है तो ख़िलाल करें (यह सुन्नत है)
उसके बाद 3 मर्तबा पहले सीधे हाथ को उंगलियों से कोहनियों तक धोएं फिर उल्टे हाथ को
फिर उंगलियों के ख़िलाल करें (एक हाथ की उंगलियों की दूसरे हाथ की उंगलियों में फसाकर कोहनियों तक ले जायें) यह एक ऐसी सुन्नत है जिसे अक्सर लोग छोड़ देते हैं।

फिर सर का मसाह करें उसके लिए दोनों हाथों को पानी में भिगोए फिर दोनों हाथों को सर पर आगे से पीछे तक ले जाएं फिर पीछे से आगे तक ले जाएं
उसके बाद अपने कानों को उंगलियों से साफ करें
फिर अपनी गर्दन का मसाह करें गर्दन का मसाह के लिए दोनों हाथों को उल्टी तरफ से गर्दन पर फेरें। (गर्दन का मसाह सुन्नत है जबकि गले का मसाह मकरूह है)

उसके बाद पहले सीधे पैर को टखने तक अच्छे से धोएं फिर उल्टे पैर को टखने तक अच्छे से धोएं (पैरों का ख़िलाल करना भी सुन्नत है)

यहाँ आपका वुजू सुन्नत के मुताबिक मुकम्मल हो गया अगर आप इस ऐतबार से वुजू करेंगे तो सुन्नत का सवाब भी मिलेगा और इसकी बरकतों से नमाज में खुशबू भी पैदा होगी।

वुजू के दरमियान कुछ दुवाओं का पढ़ना जरूरी है अल्लाहुम्मा मगफिरली जम्बी (ए अल्लाह मेरे गुनाहों को माफ कर) व्यस्सिरली फिदारी (और मेरे घर में खुशामदी पैदा फरमा) व बारिकली फिरिज़की (और मेरे रिज़्क में बरकत अता फरमा)
यह वुजू के दरमियान पढ़ना है बढ़ा मुज़ररब अमल है इससे सब चीजों में बरकत होती है

वुजू से फारिग होने पर यह पढ़ें: अशहदु अल्लाह इलाहा इल्ललाह व अशहदु अन्ना मुहम्मदन अब्दहु वरसुलहु फिर यह दुआ पढ़ें: अल्लाहुम्मा जअलनी मिनत्त्ववाबीन व जअलनी मिनल मुतताहिरिन (ए अल्लाह मुझे तौबा करने वालों मे से बना और मुझे खूब पाकी हासिल करने वालों में से बना।
हज़रत अब हुरैरा र.अ. फरमाते हैं कि कोई शख्स बिना बात किये वुजू करे और जा कर नमाज पढ़ ले तो यह उसके तमाम गुनाहों को माफ करा देती है।

वुजू के फराईज – wuzu ka tarika

  1. वुजू की नीयत का करना
  2. चेहरे को धोना
  3. हाथों को कोहनियों तक धोना
  4. सर का मसाह करना
  5. पैरों को टखनों तक धोना
  6. सही तरतीब से वुजू करना
  7. बिना रुकावट के वुजू करना

किन चीजों से वुजू टूट जाता है? – wuzu ka tarika

  • पेशाब और पखाने के रास्ते से कुछ भी निकल जाने से
  • लेटकर गहरी नींद लेने से
  • बेहोशी, नशा और जुनून से
  • हथेली को खुला बगैर कपड़े की आड़ के शर्मगाह से लगा देने से
  • ऊँट का गोश्त खाने से

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