Pul Sirat क्या है? पुल सिरात का रास्ता

Pul Sirat क्या है? पुल सिरात का रास्ता

हिसाब और मीज़ान कायम होने के बाद सिरात एक पुल है जिस पर से सब को गुज़रना पढ़ेगा।
Pul Sirat बाल से ज्यादा बारीक और तलवार से ज्यादा तेज पुल है मीज़ान कायम होने के बाद चारों तरफ अंधेरा छा जाएगा और रोशनी की एक किरण तक नही होगी।
सहीह मुस्लिम, हदीस न. 455

फिर पुल सिरात जहन्नम के ऊपर लगाया जाएगा जिस पर से सब को गुज़रना है चाहे वह नेक हो या बद हो नेक गुज़र जाएगा देखकर और बद नीचे कटकर के जहन्नम में गिर जाएगा।
सहीह मुस्लिम, हदीस न. 86

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सबसे पहले पुल सिरात (Pul Sirat) पर से कौन गुज़रेगा?

सहीह मुस्लिम की रिवायत में आता है कि सबसे पहले आप सल्लाहु अलैहि वसल्लम पुल सिरात पर कुबुर करेंगे और इस पर से गुज़रेंगे और आप के बाद आपकी उम्मत पुल सिरात पर से गुज़रेगी और उम्मत के बाद दिगर अम्बिया और उनकी उम्मतें गुजरेंगी और सारे अम्बिया पुल सिरात पर से गुज़रते हुए कहेंगे ‘ए अल्लाह मुझे बचा लेना ए अल्लाह मुझे बचा लेना’
सहीह मुस्लिम, हदीस न. 451

यह पुल इतनी खतरनाक चीज़ है कि अम्बिया भी इससे खोफ खा रहे हैं और अल्लाह से दुआ कर रहे हैं ए अल्लह मुझे बचा लेना

आप सल्लाहु अलैहि वसल्लम फरमाते हैं पुल सिरात में कुछ हुक्स लगे हुए हैं जब कोई गुन्हेगार उस पर से गुजरेगा तो वह उस हुक्स में अटक्कर टुकड़े हो जाएगा और जहन्नम में गिर जाएगा
सहीह बुखारी हदीस न. 7437

पुल सिरात पर से गुजरने वाले रोशनी से महरूम रह जाएंगे उम्मतें मुहम्मदिया सल्लाहु अलैहिवसल्लम में से फुखरा और मुहाज़ीरिन की जमात सबसे पहले गुज़र जायेंगी।
फुखरा और मुहाज़ीरिन होजे कोसर, जन्नत में भी सबसे अव्वल रहेंगे।
सहीह मुस्लिम, हदीस न. 716

एक रिवायत में आता है कि गरीब लोग मालदार लोगों से 500 साल पहले आख़िरत में जन्नत में जाएंगे क्योंकि गरीब लोग गरीबी की वजह से बहुत सारी नेयमतों से मेहरूम रह जाते हैं।
मुसनद अहमद, 2/343

मोमिनों को पुल सिरात से गुजरते वक़्त 2 नूर दिए जायेंगे एक सामने होगा और दूसरा सीधे हाथ की तरफ होगा और सबसे कम जो रोशनी मिलेगी किसी मोमिन को उसके नेकी के ऐतबार से वो नाखून के बराबर होगी और वो उसको रास्ता दिखाएगी।
सूरह अल-हदीद, 57:12

जब मुनाफिक पुल सिरात पर से गुजरेगा तो उसकी रोशनी आधे पुल तक साथ देगी फिर बुझ जाएगी क्योंकि वह ईमान लाया था लेकिन उसके दिल में बुगज़ था और वह माँगेंगे मोमिनों से की थोड़ी सी रोशनी हमे देदो तो उन्हें कोई रोशनी नही मिलने वाली, वह ईमान और आमाल की रोशनी होगी जो सामने और सीधे हाथ की तरफ होगी।
सहीह मुस्लिम, हदीस न. 469

हर आदमी नूर की चमक के ऐतबार से उतना ही तेज़ होगा और नूर की कमी के ऐतबार से उतना ही धीमा होगा और हदीस में आता है कुछ लोग पुल सिरात पर से पलक झपकने की रफ्तार से गुज़रेंगे, कुछ लोग बिजली की रफ्तार से, कुछ घोड़े की रफ्तार, कुछ लोग धीरे-धीरे, और कुछ रेंगते हुए गुज़रेंगे हर आदमी अपने आमाल के हिसाब से गुजरेगा।
अत-तरग़ीब वत-तरहीब, 4/5265

पुल सिरात की खुसूसियत यह है कि वह सीधा रास्ता नही है बल्कि वह फिसलने वाला रास्ता है।
अत-तरग़ीब वत-तरहीब, 4/5310

रिवायत में आता है बाज़ मोमिन बिजली की रफ्तार से गुज़र जाएंगे, बाज़ पलक झपकने की रफ्तार से, बाज़ हवा की तेज रफ्तार से गुज़रेंगे, बाज़ परिंदों की तेज रफ्तार से, बाज़ घोड़े की तेज रफ्तार से, बाज़ ऊँटों की चाल से, बाज़ खेरो आफ़ियत के साथ जैसे तैसे ही सही निकल जाएंगे, बाज़ गिरते-पढ़ते ठोकरे खाते जख्मी होते हुए निकल जाएंगे और बाज़ हुक्स में अटककर जहन्नम में गिर जाएंगे।
सहीह मुस्लिम, हदीस न. 453

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