Maa baap ki khidmat | Musa Alehissalam aur ek kasai ka waqiya

Maa baap ki khidmat

Maa Baap ki khidmat

खासतौर पर जब माँ-बाप सामने हो माँ-बाप के लिए तकलीफ न बनना मेरे नबी से पूछा गया कि या रसूलल्लाह सल्लाहो अलैहि वसल्लम कयामत कब आएगी?
तो आपने कहा ये तो अल्लाह को पता है तो कहा गया कोई निशानी बता दें तो आपने फरमाया जब बेटियाँ भी माओं को जलील करेगी तो कयामत आ जाएगी।
यानी बेटे तो आमतौर पर करते हैं बदतमीज़ी बेटियां आमतौर पर फर्माबर्दार होती है तो आपने फरमाया जब बेटियाँ भी माओं को जलील करने लग जाएगी तो कयामत आ जाएगी।

तुम्हारे उस्ताद भी तुम्हारे माँ बाप है तुम्हारे माँ बाप भी तुम्हारे माँ बाप है उनके सामने पीछे जाओ उनके सामने उफ्फ की आवाज भी न निकालो उनकी दुआ लो वो ज्यादती करें सह जाओ अल्लाह की मदद से जो तुम्हारे गैबी काम होंगे वो तुम्हारी डिग्रीयों से नही होंगे डिग्रियां तो एक कागज का टुकड़ा है इसमें तुम्हारी तकदीर नही लिखी होगी तुम्हारी तकदीर और तुम्हारा नसीब तुम्हारी पेशानी पर लिखे हुए हैं और यह हरि होगी तुम्हारे अखलाक के साथ, तुम्हारे ईमान के साथ

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मूसा अलैहिस्सलाम और एक कसाई का वाकया

जब मूसा अलैहिस्सलाम ने अल्लाह तआला से पूछा या अल्लाह मेरा जन्नत का साथी कौन है तो अल्लाह ने फरमाया वो जो फला कसाई है वो तेरा जन्नत का साथी है मूसा अलैहिस्सलाम उसके पास गए उसे देखने के लिए देखा कि वह गोश्त काट काटकर के बेच रहा है आपने सोचा कि यह मेरा जन्नत का साथी कैसे बन गया?

जब वह अपना सौदा बेचकर चल पड़ा गोश्त का एक टुकड़ा उठाकर अपने थेले में डाला मूसा अलैहिस्सलाम भी उसके साथ हो गए वो जब घर गया तो मूसा अलैहिस्सलाम भी उसकी इजाजत से उसके घर मे चले गए उसने जाकर वो गोश्त के टुकड़े बनाये और सालन बनाया, आटा गूंध कर रख दिया, रोटी बनाई और एक थाली में रोटी सालन निकाले और एक बुढ़िया चारपाई पर लेटे हुई थी उसने उसको उठाया कहा रोटी खा लो उसने उसको हाथ का सहारा दिया और लुकमे बनाकर के खिलाता गया जब वह रोटी खिलाकर के फारिग हुआ तो मूसा अलैहिस्सलाम ने पूछा मेरे भाई ये कौन है? तो उसने कहा मेरी माँ है में एक कसाई हूँ में सुबह इसकी सारी खिदमत करके जाता हूँ फिर जब शाम को वापस आता हूँ तो पहले इसका काम करता हूँ फिर बच्चों को देखता हूँ


फिर मूसा अलैहिस्सलाम ने फरमाया ये कुछ कह रही थी जब तुन इसे उठा रहे थे तो उसने कहा माँ है कहने को उसने क्या कहना है में जब भी इसकी खिदमत करता हूँ तो कहती है अल्लाह तुझे जन्नत में मूसा का साथी बनाए में एक कसाई ठहरा और वह मूसा कलीम मेरी क्या औकात है यह सुनकर मूसा अलैहिस्सलाम की आँखों में आँसू आ गए और फरमाया तेरी माँ ने तेरा काम बना दिया


अपने माँ बाप की हाय न लो दुआ लो और माँ बाप को भी अपने बच्चों को इज्जत देना चाहिए उन्हें बेइज्जत नही करना चाहिए।

अल्लाह के मेहबूब की खिदमत में एक शख्स हाजिर हुआ और उसने हुजूर की बारगाह में शिकायत की मेरा बेटा अपनी चीजों को मुझे हाथ नही लगाने देता।
तो आका करीम ने उसके बेटे को बुलाया और फरमाया ये तुम्हारा बाप क्या कह रहा है तो उसने कहा कि हुजूर इसकी उमर ऐसी हो गई है कि ये चीजें खराब कर देता है


तो आका करीम की चश्माने अकदस से आँसू टपकने लग गए और फरमाया की एक वक़्त था जब तू इसकी चीजें खराब करता था और इसने कभी तुझे नही रोका था बल्कि दुबारा चीजें लाकर दी थीं
तो हुजूर ने उस वक़्त एक तारीखसाज जुमला इरशाद फरमाया तू भी, तेरा माल भी तेरे बाप का है वो तेरे मुआमलात में, तेरे माल में जिस तरह चाहे तसर्रुफ़ कर सकता है अल्लाह ने उसे इख्तियार दिया है

तो माँ बाप की खिदमत यह सआदत बंदी का रास्ता है और माँ बाप को नजर अंदाज करना, बेअदबी करना, नाफरमानी करना, तौहीन करना, कमतर जानना यह सआदतबंदी नही है इससे अल्लाह नाराज होता है

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