Gheebat (घीबत) का गुनाह – घीबत करने वाले का अंजाम

Gheebat

Gheebat (घीबत) क्या है?

Gheebat: हुजूर अलैहिस्सलाम ने फरमाया की घीबत जिना से भी बदतर अजाब है और इसकी वजह यह है कि कोई वक्त बदकारी में मुब्तिला होता है तो उसकी तौबा कर लेता है लेकिन घीबत की तौबा से भी माफी नही जब तक जिससे घीबत कि है उससे माफी न मिले इसलिए यह बदकारी से भी बड़ा गुनाह करार दिया गया है

हुजूर ने फरमाया किब्रानी ने अपनी मुजम में इसको लिखा कि घीबत सुनने वाला है वह भी एक घीबत करने वाला ही है लेकिन सिर्फ ज़ुबान से ही नही बल्कि हाथ के इशारे से और गोशा के चश्म से भी घीबत की जाए तो वो बन्दा भी घीबत करने वालो में शुमार होगा और उसे उसी तरह सजा भुगतना होगा और अल्लाह तआला ने क़ुरआन में सूरे हुज़ूरात के अंदर फरमाया एक दूसरे की घीबत मत करो! क्या तुममे से कोई यह पसंद करता है कि अपने भाई का गोश्त खाये वो भी मुर्दा हो और अपने मुर्दा भी का गोश्त कोई शख्स नोच-नोच कर खाए तो क्या तुम इसको पसंद करते हो कहा तुम इसको न पसंद करते हो तो इसी तरह घीबत से भी इज्तिनाब करो गोया की यह अपने मुर्दा भी के गोश्त को नोचकर खाने वाली बात है

Gheebat -अल्लाह के रसूल और 2 सहाबी का वाकिया

एक बार 2 सहाबी अल्लाह के रसूल सलल्लाहो अलैहि वसल्लम के पास से निकले और एक तीसरे आदमी की बात करते हुए जा रहे थे और वहाँ वो कहते हैं एक गधा मरा हुआ पढ़ा था और उसमें बेइंतेहा बदबू थी और उसमें कीड़े पैदा हो चुके थे तो अल्लाह के रसूल ने उन्हें बुलाया और कहा कि इस गधे का गोश्त खाओ तो उन्होंने कहा कि एक तो गधा हराम और ऊपर से मरा हुआ, कीड़े पड़े हैं, बदबू आ रही है तो आपने फरमाया की तुम दोनों अभी जो बात कर रहे थे न किसी तीसरे शख्स के बारे ने वो इससे भी बुरा था तुम्हारे दाँतों के अंदर में अभी भी तुम्हारे भी का गोश्त देख रहा हूँ तुमने उसका कत्ल किया, तुमने उसका गोश्त खाया जैसे कि तुमने अपने मुर्दा भाई का गोश्त खाया है वैसी मिसाल है घीबत करने वाले कि तुम्हारे दांतों में वो गोश्त अटका हुआ देख रहा हूँ में घीबत का

Gheebat (घीबत) की तौबा

घीबत की तौबा जब ही होती है जब जिसकी घीबत की है उससे माफी मांग ली जाए और सबकुछ सच-सच बता दिया जाए अगर वो तुम्हे माफ कर देता है तो तुम्हारी तौबा कबूल हो जाएगी
और अगर जिसकी घीबत की है वो शख्स तुम्हे फिर दुबारा कहीं नही मिले तो उसके लिए दुआ की जानी चाहिए।

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